सितंबर के व्रत, त्योहार से लेकर ग्रह गोचर की लिस्ट, अभी से कर लें तैयारी

सितंबर का महीना शुरू हो चुका है. व्रत और त्योहारों के नजरिए से ये महीना काफी खास रहने वाला है. आइए जानते हैं कि आने वाले दिनों में कौन-कौन से व्रत और त्योहार पड़ेंगे.

सितंबर का महीना शुरू हो चुका है. वहीं, त्योहारों के सीजन की भी शुरुआत हो चुकी है. आने वाले महीनों में काफी व्रत और त्योहार पडेंगे. इसके साथ ही विभिन्न ग्रहों के राशि परिवर्तन और गोचर भी होंगे. ऐसे में यह महीना धर्म-कर्म की दृष्टि से काफी खास रहने वाला है.

इस महीने जहां पितृ पक्ष की भी शुरुआत होगी. वहीं, शारदीय नवरात्रि में मां शक्ति के नौ रूपों के लिए भक्त व्रत रखकर पूजा-अर्चना करेंगे. गणपित उत्सव की भी शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि इस महीने कौन से दिन व्रत, त्योहार और ग्रहों का गोचर होगा.

4 सितंबर

भगवान कृष्ण के समान ही राधा जी को भी पूजनीय माना गया है. ऐसे में राधा अष्टमी का बहुत महत्व है. कृष्ण जन्माष्टमी के करीब 15 दिन बाद राधाष्टमी मनाई जाती है. इस साल राधा अष्टमी 4 सितंबर को है. मान्यता है कि राधा अष्टमी व्रत करने से लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

8 सितंबर

साल में हर महीने दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है. एक कृष्ण पक्ष तो दूसरा शुक्ल पक्ष में. प्रदोष व्रत भगवान भोलेनाथ को समर्पित होते हैं. इस महीने 8 सितंबर को प्रदोष व्रत पड़ रहा है. वहीं, इसी दिन ओणम का पर्व भी है. यह केरल में मनाये जाने वाला प्रमुख हिंदू पर्वों में से एक है. यह पर्व राजा महाबली की याद में मनाया जाता है.

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9 सितंबर

हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है. इसे अनंत चौदस भी कहा जाता है. यह त्योहार भगवान विष्णु को समर्पित है. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की जाती है. इस साल अनंत चतुर्दशी का त्योहार 9 सितंबर को मनाया जाएगा. वहीं, इस दिन गणपति बप्पा का भी विसर्जन किया जाएगा.

10 सितंबर

सनातन धर्म में पितृ पक्ष या श्राद्ध का काफी महत्व है. इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के लिए अनुष्ठान और तर्पण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. ऐसा करने से पितृ दोषों से बचा जाता है. पितृ पक्ष की शुरुआत भाद्र महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा से होती है, जो आश्विन मास की अमावस्या तक चलती है. इस साल पितृपक्ष 10 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो 25 सितंबर तक रहेगा.

18 सितंबर

इस साल जीवित पुत्रिका व्रत 18 सितंबर को पड़ेगा. इस दिन महिलाएं संतान की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से संतान शोक नहीं होता है.

26 सितंबर

मां शक्ति की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 26 सितंबर से होगी. इस दौरान भक्त नौ दिनों तक उपवास रखकर माता रानी की पूजा-अर्चना करेंगे. हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व है.

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29 सितंबर

साल में हर महीने दो चतुर्थी पड़ती है. कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और शक्ल पक्ष में पड़ने वाली चतुर्थी को गणेश चतुर्थी कहते हैं. इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है. सितंबर में 29 सितंबर को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी.

8 सितंबर

ज्योतिष शास्त्र अनुसार ग्रहों के अस्त होने से इंसान की जिंदगी पर खासा प्रभाव पड़ता है. 8 सितंबर को बुद्धि और व्यापार के ग्रह बुध अस्त होने जा रहे हैं. बता दें कि जब कोई ग्रह सूर्य के बेहद पास आ जाता है, तो वह अस्त हो जाता है.

17 सितंबर

सूर्य अभी अपनी राशि सिंह में हैं. वह 17 सितंबर को सुबह 7 बजकर 11 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य के राशि परिवर्तन को बेहद अहम माना गया है. सूर्य गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा.

24 सितंबर

शुक्र ग्रह 24 सितंबर को कन्या राशि में गोचर करेंगे. इस परिवर्तन का विभिन्न राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है. शुक्र के राशि परिवर्तन को भी वैदिक ज्योतिष में काफी अहम माना गया है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. T3B.IN इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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